India

CJP प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज केस में CJI सख्त, 'अगर असामाजिक तत्वों ने...'

N
ABP News
September 10, 20262 min read
CJP प्रोटेस्ट: स्वतंत्र भारद्वाज केस में CJI सख्त, 'अगर असामाजिक तत्वों ने...'

जुलाई में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र प्रदर्शन का हिस्सा रही एक 14 साल की लड़की को धमकाने और उसके घर पर पथराव के आरोपों को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

छात्र प्रदर्शन मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान एक वकील ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हाल ही में एक व्यक्ति ने कुछ वीडियो में यह दावा किया कि उसने CJP के प्रदर्शन के दौरान लड़की के पिता पर हमला किया था. एफआईआर दर्ज होने के बाद उस व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन अब लड़की को धमकाया जा रहा है.

स्वतंत्र भारद्वाज ने किया था दावा

स्वतंत्र भारद्वाज नाम के शख्स ने एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि उसने सीजेपी की कार्यकर्ता के पिता की पिटाई की थी. पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. हालांकि सीजेपी के प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इस समय वो न्यायिक हिरासत में है.

वकील ने दावा किया कि लड़की के घर पर पथराव किए जाने के वीडियो भी मौजूद हैं. अगर उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचता है तो बाद में उसकी भरपाई संभव नहीं होगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पथराव में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसकी बजाय बच्ची और उसके परिवार के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है.

मामले को रखते हुए वकील ने यह आरोप भी लगाया जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने हमला किया, उन्हें बाद में 4 पुलिसकर्मियों के साथ देखा गया. इस बात के सबूत के तौर पर वीडियो उपलब्ध हैं.

सीजेआई की अहम टिप्पणी

इन आरोपों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि बच्चा तो बच्चा ही है, उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए. चीफ जस्टिस ने कहा, "अगर असामाजिक तत्वों ने बच्ची के खिलाफ हिंसा की है और वह अभी भी आज़ाद हैं, उसे डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है."

कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर लड़की की तरफ से किए गए पोस्ट के जरिए इस मामले की जानकारी मिली है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि बच्ची की तरफ से दर्ज एफआईआर में की गई कार्रवाई होनी चाहिए. उसकी और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से मामले पर रिपोर्ट देने को कहा.

Topics & Tags:#India