भारत ने सऊदी अरब में मक्का के पास हुए ड्रोन हमले की निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर चिंता जाहिर की है. साथ ही, यह भी कहा है कि भारत सऊदी अरब साम्राज्य के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और ऐसी गतिविधियों की निंदा करता है, जिनसे नागरिकों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा हो. मंत्रालय ने कहा कि यह घटना इसलिए भी बहुत चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है.
विदेश मंत्रालय ने ड्रोन हमले पर क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मक्का के पास हुए ड्रोन हमले के बारे में मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं. भारत सऊदी अरब साम्राज्य के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और ऐसी गतिविधियों की निंदा करता है, जिनसे नागरिकों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा हो.’
उन्होंने कहा, ‘मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है. हम उम्मीद करते हैं कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी.’
VIDEO | On a question regarding the issue of Zakir Naik, MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "We continue to take up this issue at various levels with the Malaysian side."
— Press Trust of India (@PTI_News) September 15, 2026
When asked about the Houthi attack on Saudi cities , Jaiswal says, "Our external affairs minister did… pic.twitter.com/TPjVgIdE6P
हूती हमलों पर क्या बोले जायसवाल?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार (15 सितंबर, 2026) को सऊदी शहरों पर हूती हमले के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की थी. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों, क्षेत्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की थी, इस चर्चा में हूतियों का मुद्दा भी शामिल था.’
उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ था, जिसकी हमने निंदा की है. लाल सागर के इलाके में जिस तरह से स्थिति बिगड़ती हुई दिखाई दे रही है, उसे लेकर हम बहुत परेशान हैं. हमने सऊदी की संप्रभु जमीन पर हुए हमले की निंदा की है, जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक एसेट्स को भी निशाना बनाया गया.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते नेवीगेशन की आजादी के लिए खतरा पैदा करते हैं. ये हमें स्वीकार्य नहीं हैं. हमें उम्मीद है कि इलाके में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी. हालांकि, दुनिया के उस हिस्से से हमें ऊर्जा की आपूर्ति मिलती रही है.’
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