भारतीय सेना के एक सेवानिवृत अधिकारी ने हाल ही में सोशल मीडिया वायरल हुई Gen Z महिला टूरिस्ट के बर्ताव की आलोचना की है, जिसने लद्दाख में स्थित कारगिल चेकपॉइंट पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर खूब बवाल किया था. उन्होंने महिला के व्यवहार पर तंज कसते हुए कहा कि मैं उसकी एक महीने की सैलेरी के लिए क्राउडफंडिंग के लिए तैयार हूं, वो सिर्फ एक महीने तक लद्दाख या जिस जगह उसने हंगामा किया, उसी जगह अपनी सेवा दे और अपने जैसे लोगों से निपटे. उन्होंने कहा कि मैं उस महिला को शर्मिंदा नहीं करना चाहता हूं, लेकिन उसने अपने बर्ताव और हरकतों से पूरी युवा पीढ़ी की एक नेगेटिव छवि को पेश किया है.
महिला ने कश्मीरियों के साथ अलगाव पैदा करने की कोशिश कीः डीपी पांडे
कश्मीर स्थित 15 कोर के कमांडर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने इस मामले को लेकर बुधवार (19 अगस्त, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘मैं उस महिला को शर्मिंदा नहीं करना चाहता हूं, जिसने लद्दाख में हंगामा किया, लेकिन उसने कुछ ऐसी हरकतें कीं, जिनके बारे में हमारे देश को पता होना चाहिए. उसने कश्मीरियों के साथ एक अलगाव पैदा करने की कोशिश की, जबकि कश्मीरी भारत के ही एकसमान भागीदार और नागरिक हैं. उन्हें भी सुरक्षा जांच की चुनौतियों से गुजरना पड़ता है.’
उन्होंने कहा, ‘किसी भी सरकार या सुरक्षा बल को ऐसा करना अच्छा नहीं लगता है. आज वहां स्थिति इतनी शांतिपूर्ण बनी हुई है, तो इसकी वजह वही वर्दी है, जिस पर महिला ने कहा कि उनके वेतन का भुगतान उसके टैक्स से होता है.’
महिला पर तंज कसते हुए क्या बोले पूर्व सैन्य अधिकारी
सुरक्षाकर्मियों की शिकायत करने वाली Gen Z महिला पर्यटक पर तंज कसते हुए पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘इतनी छोटी-सी रकम के लिए, मैं खुशी से उसके एक महीने के वेतन के लिए क्राउडफंडिंग करना चाहूंगा, ताकि वो सियाचिन या उसी जगह पर एक महीने के लिए अपनी सेवा दे सके, जहां उसने हंगामा किया था और अपने ही जैसे लोगों से निपटे.’
उन्होंने कहा, ‘हम पर, सेवा के दौरान और रिटायरमेंट के बाद भी टैक्स लगाया जाता है. असल में पहले टैक्स काटा जाता है और फिर वेतन दिया जाता है. यानी हम पहले ही टैक्स चुका देते हैं और बाद में जो ज्यादा कट गया हो, उसे ही वापस लेने की कोशिश करते हैं.’
Don't want to shame a lady who created scene in Ladakh. She did few damages that our country should know.
— Lt Gen DP Pandey (@LtGenDPPandey) August 19, 2026
Tried to create a divide with Kashmiris who are equal partner and citizens of India and had to go through the challenges of security checks. No government or security force…
Gen Z को लेकर क्या बोले रिटायर्ड सैन्य अधिकारी
सेवानिवृत सैन्य अधिकारी ले. ज. डीपी पांडे ने कहा, ‘उसने पूरी Gen Z की छवि को बहुत ही नेगेटिव तरीके से पेश किया है, जबकि पूरी दुनिया में Gen Z को लेकर ऐसा ही नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है. मैं निजी तौर पर बहुत से Gen Z लोगों से मिलता हूं. डिजिटल दुनिया में रहने के बावजूद वो बहुत धैर्यवान, विनम्र, सम्मानजनक और अच्छे व्यवहार वाले हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर और भारत के बाकी हिस्सों में मुझे अभी तक उसके जैसा कोई इंसान नहीं मिला.’
उन्होंने आगे कहा, ‘अपवाद मेरे समय में भी थे, उससे पहले भी थे और उसके बाद में भी हैं. हो सकता है कि वो कभी इस बात को न मानें कि उसका गुस्सा और हंगामा गलत था, लेकिन उसे वर्दी में मौजूद Gen Z के जवानों और उनके सीनियर अधिकारी की तरफ से जिस सम्मानजनक तरीके से उससे निपटा गया, उसे ये जरूर मानना चाहिए.’
यह भी पढ़ेंः 40 लाख नए घर और 695 KM मेट्रो का खाका लागू, 2047 तक बदल जाएगा दिल्ली का नक्शा
