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सिद्धारमैया स्टिंग केस: करोल बाग से खरीदा गया था मोबाइल, पुलिस के खुलासे से गरमाई कर्नाटक की सियासत

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ABP News
November 1, 2026•4 min read
सिद्धारमैया स्टिंग केस: करोल बाग से खरीदा गया था मोबाइल, पुलिस के खुलासे से गरमाई कर्नाटक की सियासत

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर एक बड़ा सबूत मिला है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं. सिद्धारमैया पर कथित स्टिंग वीडियो की बेंगलुरु पुलिस की जांच में दिल्ली में खरीदा गया एक मोबाइल फोन एक अहम सुराग बनकर सामने आया है.

बेंगलुरू पुलिस की जांच से सामने आया है कि यह फोन केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम के एक सदस्य के कहने पर खरीदा गया था. बेंगलुरू पुलिस की जांच में दिल्ली में गिरफ्तार रितेश पांडे ने पुलिस को बताया कि उसने विनोद शर्मा के साथ मिलकर करोल बाग की एक दुकान से मोबाइल फोन खरीदा था. उसने यह फोन प्रज्वल प्रसाद के कहने पर खरीदा था, जो कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम के साथ काम करता है.

मंत्री के घर फोन देने पहुंचे आरोपी

साथ ही पुलिस ने बताया कि रितेश और विनोद ने दिल्ली के कुशक रोड स्थित कुमारस्वामी के आवास पर पहुंचकर प्रज्वल प्रसाद को यह फोन सौंपा था. पुलिस CCTV फुटेज और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपी के दावों की पुष्टि करने के लिए CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और प्रसाद तथा पांडे के बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि इसी फोन से सिद्धारमैया के वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे. इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और अब रिपोर्ट का इंतजार है.

पुलिस ने कहा मनगढ़ंत हैं आरोप

जांच में यह भी पता चला है कि इस वीडियो को वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN), फर्जी IP एड्रेस और फर्जी फोन नंबरों का इस्तेमाल करके गुमनाम अकाउंट्स के जरिए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया था. बेंगलुरु पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिखाए गए यौन शोषण के आरोप एक "मनगढ़ंत और जानबूझकर रची गई कहानी" का हिस्सा लगते हैं.

सिद्धारमैया पर कांग्रेस की नेत्री कृपा अल्वा ने लगाए थे आरोप

सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे कृपा अल्वा का हाथ है, जो पुत्तूर से कांग्रेस का टिकट मांग रही थीं. वहीं, उनके बेटे और कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं के शामिल होने का आरोप लगाया.

प्रियांक खरगे का कुमारस्वामी पर आरोप

इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि "पुलिस ने ऐसे तकनीकी सबूत जुटाए हैं जो कुमारस्वामी और उनके सहयोगियों के आवास की ओर इशारा करते हैं. मैं जो कह रहा हूं, वह केवल छोटे-मोटे सबूत नहीं है, बल्कि ठोस तकनीकी और अकाट्य सबूत हैं. इसके अनुसार एक केंद्रीय मंत्री सिद्धारमैया, डी.के. शिवकुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने के लिए गंदी राजनीति कर रहे हैं."

'...स्टिंग ऑपरेशन 100 परसेंट केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने किया'

चामराजनगर में कन्नड़ राज्योत्सव के मौके पर झंडा फहराने के बाद कर्नाटक सरकार में पशुपालन और रेशम उत्पादन मंत्री सी. पुट्टारंगशेट्टी ने आरोप लगाया है कि "सिद्धारमैया के खिलाफ कथित तौर पर किया गया स्टिंग ऑपरेशन 100 परसेंट खुद केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने किया था. शुरू से ही सिर्फ कुमारस्वामी ही ऐसे काम करते आ रहे हैं, किसी और ने नहीं किया. कुमारस्वामी खुद दावा करते थे कि उनके पास पेन ड्राइव है. खासकर, कुमारस्वामी डी. के. शिवकुमार को CM बनते हुए बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. इसीलिए उन्होंने यह साज़िश रची है."

पुट्टारंगशेट्टी ने आगे कहा कि कृपा अल्वा को पार्टी से इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि उन्होंने पार्टी के खिलाफ बयान दिए थे. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि स्टिंग ऑपरेशन में उनकी भूमिका के बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं है.

कुमारस्वामी का पक्ष

कुमारस्वामी ने इस पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है. उनके कार्यालय से एक बयान जारी किया गया. जिसमें कहा गया है कि "कर्नाटक सरकार के भीतर कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग, जो सीधे तौर पर या सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) जैसी जांच एजेंसियों के जरिए काम कर रहे हैं, मीडिया में मनगढ़ंत और भ्रामक जानकारी लीक करके नेताओं की छवि खराब करने और झूठी कहानियां गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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