दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली हुई, जिसमें विपक्ष ने केंद्र सरकार और ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा. 1 नवंबर को संपन्न हुई इस रैली की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी. दोपहर में खुली बस पर सवार होकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी पार्टियों के नेता रामलीला मैदान पहुंचे थे. इस रली में 20 से ज्यादा पार्टियों के नेता शामिल हुए, जहां विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था तो वहीं चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती रही.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रामलीला मैदान से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार सीईसी पद से हटेंगें, उनको जेल जाना ही होगा. राहुल गांधी ने कहा, 'मैं आपको मंच से कह रहा हूं कि हिंदुस्तान के हर नागरिक, हर युवा से कह रहा हूं ज्ञानेश कुमार CEC पद से हटेगा. ज्ञानेश कुमार हिंदुस्तान में जेल जाएगा.' वो यहीं नहीं रुके. हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा, 'चाहे कुछ भी हो जाए..कितनी भी बड़ी ताकतें हो, लेकिन लोकंत्रत को खत्म नहीं होने देंगे. हम संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे. आप अपने आप को जितना भी बड़ा समझो. जितना भी आप के पास पैसा है. जितनी भी आपके पास पावर है. आप जो भी हो आप संविधान से बड़े नहीं हो.'
केंद्र पर बरसे राहुल-अखिलेश
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते क्योंकि ज्ञानेश कुमार के बाद अब वो उनके खिलाफ खड़े होने वाले हैं. वहीं अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के'अंगद के पैर' वाले बयान पर भी पलटवार किया. कुछ दिन पहले ही अमित शाह ने कहा था कि यूपी में बीजेपी अंगद का पैर है. इस पर सपा चीफ ने कहा, 'जो लोग कह कर आए हैं कि अंगद का पैर है. वो जानते हैं जमीन ही नहीं बची तो पैर कहां रखोगे.'
अखिलेश यादव ने वाराणसी एमएलसी चुनावों में बीजेपी की हार पर चुटकी लेते हुए कहा कि डबल इंजन फेल हो गया. उन्होंने कहा, वो अपनी चंडीगढ़ चाल चलना चाहते थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए हैं. डबल इंजन..डबल हार और डबल जीरो उन्हें उत्तर प्रदेश में मिलने का काम हुआ है.'>>
विपक्ष की रैली को ममता बनर्जी ने भी संबोधित किया. उन्होंने कहा, 'बंगाल इस SIR का शिकार रहा है. हम छोड़ेंगे नहीं बल्कि लड़ेंगे. वे हमें कहते हैं कि घर से मत निकलो, उन्होंने हमें हाउस अरेस्ट किया. मैं कहती हूं कि जो लड़ते हैं, वह जिंदगी कमाते हैं. जो डरते हैं, वो मरते हैं. जो काफिर हैं, वे हर रोज डरते हैं. आने वाले समय का स्लोगन है, सेव इंडिया, सेव डेमोक्रेसी. सभी को मिलकर बीजेपी के खिलाफ लड़ना चाहिए.'
रामलीला मैदान की रैली को बीजेपी ने बताया फ्लॉप
जैसे ही रामलीला मैदान में इंडिया गठबंध की रैली खत्म हुई. ठीक एक घंटे बाद बीजेपी ने रैली को फ्लॉप बता दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि अगर राहुल गांधी 2024 के चुनावों को अवैध बता रहे हैं तो इसका मतलब वो खुद भी अवैध लीडर ऑफ अपोजिशन हो. उन्होंने कहा, 2024 के बाद 2025 में ज्ञानेश कुमार इलेक्शन कमिश्नर बनकर आए. 2024 का चुनाव अगर अवैध था तो उसका मतलब है कि आप भी इल्लीगल लीडर ऑफ अपोजिशन हैं.' >>
बीजेपी ने ये भी आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में 10 लाख से ज्यादा लोगों के आने का दावा किया गया था, लेकिन आधे से ज्यादा मैदान खाली था. बीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों को शिव तांडव और शिवजी की बारात में अंतर पता नहीं है, वह आध्यात्म की बातें करते हैं.
मार्च निकालने से पहले राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर जुटे. कुछ नेता कांस्टीट्यूशन क्लब में जुटे इसके बाद सभी नेता अपनी-अपनी जगह से कनॉट प्लेस पहुंचे. वहां से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, फारुक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव एक खुली बस में सवार हुए और मिंटो रोड की तरफ बढ़े. राहुल गांधी खुली जीप पर सवार थे और कार्यकर्ता वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगा रहे थे.
मिंटो रोड रामलीला की तरफ बढ़े विपक्षी नेता
मिंटो रोड की तरफ बढ़ते हुए राहुल गांधी ने एक तोते को भी हाथ पर पकड़ा जिसे कार्यकर्ता लेकर आए थे. उन्होंने इस तोते को देखकर CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा और पोस्ट कर लिखा कि ये मोदी का तोता है. इसके अलावा राहुल गांधी ने एक और वीडियो शेयर किया जिसमें लिखा था FINAL BOSS... यानी अब खेल खत्म होने वाला है.
विपक्षी पार्टियों ने रामलीला मैदान से हुंकार भरी तो बीजेपी ने आज सड़कों पर लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला. देश के तमाम शहरों में बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर सडकों पर उतरे. दिल्ली के हरिनगर में पार्टी ने बड़ा विरोध मार्च निकाला तो रोहतक से लेकर फरीदाबाद, ठाणे तक बीजेपी ने पदयात्रा के जरिए कांग्रेस को सिख विरोधी दंगों की याद दिलाई.
कांग्रेस पर बरसे अमित शाह
विपक्ष की रैली पर सबसे तीखा हमला चंडीगढ़ में गृहमंत्री अमित शाह ने बोला. उन्होंने कहा, 'उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक स्टेटमेंट दी मैंने टीवी पर देखा है. वो स्टेटमेंट मैं मेरे जीवन में भूल नहीं सकता हूं. उन्होंने कहा था बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है. 1 नवंबर 1984 को कांग्रेस पार्टी की ओर से भड़काए गए दंगों के दौरान दिल्ली में हजारों सिखों की बेरहमी से हत्या की गई थी. हजारों लोगों को जिंदा जला दिया गया. अनेक सिखों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा. कई बच्चे अनाथ हो गए, महिलाओं ने अपने पति खो दिए और हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए.'
विपक्ष के खिलाफ रोहतक में बीजेपी की पदयात्रा की कमान पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने संभाली. उन्होंने कहा, 'जब ऐसा विपक्ष हो, जो जनादेश का अपमान करता हो, तब जनता के साथ सड़कों पर लोकतंत्र की आवाज बनकर उन्हें चुनौती देने का काम एनडीए का कार्यकर्ता करता है.उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 में हमारे सिख भाइयों के साथ जो गंदा खेल खेला गया, जो कत्लेआम हुआ, कांग्रेस को उसका प्रायश्चित करना चाहिए था, माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन आज ये रैली करने निकले हैं.'
उन्होंने कहा, 'विदेशी ताकतों के इशारे पर, राहुल गांधी विदेशी ताकतों की टूलकिट बनकर काम कर रहे हैं. वे विदेशी ताकतों के इशारे पर देश के लोकतंत्र को चुनौती देना चाहते हैं. देश की 140 करोड़ जनता देख रही है, उसे मालूम है कि ये कौन लोग हैं. ये वही लोग हैं, जिन्होंने विदेशों में अराजकता फैलाई. कांग्रेस के लोग कहते हैं कि सत्ता बदल देंगे. अरे, ये जनता के मत से बनी हुई सरकार है, इसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. अराजकता वाली सोच को करारा जवाब देना है.'
देश को अराजकता में धकेलने की साजिश: जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी की रैली के बहाने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आज रामलीला मैदान में जो हो रहा है, वो लोकतंत्र का सम्मान नहीं बल्कि डेमोक्रेसी के नाम पर दाग है. उन्होंने कहा, 'आज रामलीला मैदान में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के प्रति सम्मान नहीं है, बल्कि, यह लोकतंत्र के नाम पर देश को अराजकता में धकेलने की एक सोची-समझी साजिश है. यह उन लोगों द्वारा रचा गया एक मूर्खतापूर्ण नाटक है, जिन्हें जनता ने बार-बार हराया और नकारा है.'
ठाणे में भी विपक्ष की रैली के विरुद्ध महायुति के नेता पदयात्रा में शामिल हुए और विपक्ष पर संविधान के अपमान का आरोप लगाया. सुपर संडे की सियासी जंग में सबसे ज्यादा गहमाहमी दिल्ली में दिखी. यहां बीजेपी ने बड़ी पदयात्रा निकाली. इस दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, एक बार नहीं लोकतंत्र की हत्या गांधी परिवार ने बार-बार की. कभी इंदिरा गांधी ने 1975 में की. राजीव गांधी ने 1984 में की और राहुल आज कर रहे हैं.'
इस मार्च में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के साथ केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हुए. इस दौरान सभी ने सिर पर काली पट्टी बांध रखी थी. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 42 साल बाद फिर से गांधी परिवार 1 नवंबर का दिन चुनकर उसी डिजाइन के साथ ये संयोग है, गांधी परिवार फिर से एक प्रयोग करने जा रहा है.'
