साल 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार की गुरुवार (20 अगस्त, 2026) को मौत हो गई. संयोग से पूर्व कांग्रेस सांसद की मौत उसी दिन हुई, जिस दिन देश की सर्वोच्च अदालत में उनके तरफ से दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई निर्धारित की गई थी.
दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद पूर्व सांसद सज्जन कुमार ने अपने बीमार पत्नी की खराब स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए उनकी देखभाल करने के लिए तीन हफ्ते के मेडिकल पैरोल के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी और गुरुवार (20 अगस्त) को उसी पर सुनवाई होनी थी.
बदहवाशी की हालत में अस्पताल लाए गए थे कुमार
न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के मुताबिक, कॉज लिस्ट में बताया गया कि कुमार की याचिका रेगुलर लिस्ट में सुनवाई के लिए तय थी, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हो पाई. 84 वर्षीय सज्जन कुमार को गुरुवार (20 अगस्त) की सुबह 11 बजे बदहवाशी की हालत में सफदरजंग अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए सीपीआर और लाइफ सपोर्ट के उपाय करने शुरू कर दिए.
हालांकि, काफी मशक्कत के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार की मौत दोपहर 12:30 बजे हो गई. बता दें कि सज्जन कुमार को हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसन रोग की शिकायत थी. उन्हें पहले इससे पहले भी कई बार अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था.
VIDEO | Ex-Congress MP Sajjan Kumar's demise: Family, supporters gathered at Safdarjung Hospital in Delhi earlier today. pic.twitter.com/oJkX5wTeVz
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2026
कब से तिहाड़ जेल में बंद थे सज्जन कुमार?
पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार साल 2018 से तिहाड़ जेल में बंद थे. दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने के मामले में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अदालत ने 17 दिसंबर, 2018 को दिल्ली की पालम कॉलोनी में 1 और 2 नवंबर, 1984 को हुई हत्याओं से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया था.
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