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Apple Watch का नया AI फीचर बना मुसीबत! यूजर्स बोले- हर वक्त सुन रहा है हमारी बातें

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ABP News
September 13, 20263 min read
Apple Watch का नया AI फीचर बना मुसीबत! यूजर्स बोले- हर वक्त सुन रहा है हमारी बातें

Apple अपने डिवाइसेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहा है. कंपनी का मकसद यूजर्स को ज्यादा स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड एक्सपीरिएंस देना है लेकिन Apple Watch से जुड़ा एक नया AI फीचर अब प्राइवेसी को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है. कुछ यूजर्स को चिंता है कि फीचर के काम करने के दौरान उनकी बातचीत लगातार सुनी जा सकती है.

क्या है Apple Watch का नया AI फीचर?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Apple Watch में AI से जुड़े कई नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं जिनका मकसद यूजर की एक्टिविटी और आसपास की कंडिशन को समझकर बेहतर सुझाव देना है. इनमें आवाज और बातचीत से जुड़े फीचर्स भी शामिल हैं.

यही वजह है कि कुछ यूजर्स को लगता है कि अगर AI को बेहतर तरीके से काम करने के लिए माइक्रोफोन तक लगातार पहुंच चाहिए तो ये उनकी पर्सनल बातचीत के लिए चिंता का विषय बन सकता है.

यूजर्स को क्यों सता रही है प्राइवेसी की चिंता?

Apple Watch हमेशा यूजर की कलाई पर रहती है. ऐसे में अगर कोई AI फीचर आवाज या आसपास की एक्टिविटी को पहचानने के लिए माइक्रोफोन का इस्तेमाल करता है तो यूजर्स के मन में ये सवाल उठना नॉर्मल है कि आखिर डिवाइस कब सुन रहा है और कब नहीं.

कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर चिंता जाहिर की है कि AI बेस्ड फीचर की मौजूदगी से उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि उनकी बातचीत को जरूरत से ज्यादा मॉनिटर किया जा रहा है. खासतौर पर पर्सनल बातचीत, ऑफिस मीटिंग या संवेदनशील जानकारी शेयर करते समय ये चिंता और बढ़ जाती है.

क्या Apple Watch सच में हर वक्त आपकी बातें रिकॉर्ड करती है?

आपको बता दें कि माइक्रोफोन का इस्तेमाल होना और हर समय बातचीत रिकॉर्ड करके सर्वर पर भेजना एक ही बात नहीं होती है. किसी फीचर को आवाज पहचानने के लिए माइक्रोफोन तक पहुंचने की जरूरत होती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि डिवाइस आपकी हर बातचीत को रिकॉर्ड या स्टोर कर रहा है.

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AI फीचर किस तरह ऑडियो को प्रोसेस करता है, कौन-सा डेटा डिवाइस पर रहता है और क्या जानकारी क्लाउड तक भेजी जाती है इन सवालों के जवाब फीचर की टेक्निकल डिजाइन और Apple की प्राइवेसी नियमों पर निर्भर करते हैं.

यूजर्स कैसे रख सकते हैं अपनी प्राइवेसी सुरक्षित?

Apple Watch में माइक्रोफोन और दूसरे सेंसर से जुड़े परमिशन और फीचर सेटिंग्स को चेक करना समझदारी है. अगर किसी AI या वॉयस फीचर की जरूरत नहीं है तो उसे बंद करना या उसकी उपलब्ध परमिशन को लिमिटेड करना एक ऑप्शन साबित हो सकता है.

AI के साथ बढ़ रही है प्राइवेसी की बहस

AI जितना स्मार्ट हो रहा है, उतनी ही तेजी से डेटा प्राइवेसी को लेकर बहस भी बढ़ रही है. स्मार्टवॉच जैसे डिवाइस शरीर के बेहद करीब रहते हैं और उनमें माइक्रोफोन, कैमरा या हेल्थ सेंसर जैसी टेक्नोलॉजी मौजूद होती हैं. इसलिए इनसे जुड़े AI फीचर्स में ट्रांसपेरेंसी बेहद जरूरी हो जाती है.

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्मार्ट फीचर्स की सुविधा और यूजर की पर्सनल जिंदगी के बीच बैलेंस कैसे बनाया जाए. Apple के लिए भी ये जरूरी होगा कि वह क्लियर करे कि उसका AI फीचर ऑडियो को कब, कैसे और कितनी देर तक प्रोसेस करता है.

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