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कम हो रही आपके इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज? चार्जिंग के वक्त अपनाएं ये 3 आदतें

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ABP News
October 21, 2026•3 min read
कम हो रही आपके इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज? चार्जिंग के वक्त अपनाएं ये 3 आदतें

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से तंग आकर कई लोगों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीद तो लिया लेकिन कुछ ही महीनों बाद एक शिकायत सामने आने लगती है. शुरुआत में जो स्कूटर फुल चार्ज पर 100 या 120 किलोमीटर तक आराम से दौड़ता था धीरे-धीरे उसकी रेंज 70-80 किलोमीटर पर आकर सिमट जाती है. ऐसे में लोग सोचने लगते हैं कि स्कूटर कंपनी ने बैटरी घटिया क्वालिटी की दी है. लेकिन इनमें से ज्यादातर मामलों में दिक्कत स्कूटर की बैटरी में नहीं बल्कि उसे चार्ज करने के हमारे गलत तरीकों में होती है.

लिथियम-आयन बैटरी बेहद संवेदनशील होती है और हमारी छोटी-छोटी गलतियां उसकी लाइफ और ड्राइविंग रेंज दोनों को तेजी से गिरा देती हैं. अगर आप भी हर दिन रेंज घटने की परेशानी से दो-चार हो रहे हैं तो चार्जिंग के दौरान बस 3 आसान आदतें अपनाकर अपने स्कूटर को पहले जैसा दमदार बना सकते हैं.

राइड खत्म होते ही तुरंत चार्जर लगाने से बचें

अक्सर लोग ऑफिस से घर लौटते ही सबसे पहला काम यह करते हैं कि स्कूटर खड़ा किया और तुरंत चार्जर का प्लग ऑन कर दिया. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो अपनी यह आदत आज ही बदल लीजिए. जब आप स्कूटर को 10-15 किलोमीटर या फिर उससे ज्यादा चलाते हैं, तो मोटर के साथ-साथ बैटरी पैक का टेंपरेचर भी काफी बढ़ जाता है. गर्म बैटरी में अचानक हाई वोल्टेज करंट डालने से उसके सेल्स पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है.

इससे बैटरी का केमिकल कंपोजिशन तेजी से डैमेज होने लगता है. जिसे थर्मल स्ट्रेस कहते हैं. इसका सीधा असर स्कूटर की ओवरऑल रेंज पर पड़ता है. हमेशा ध्यान रखें कि लंबी राइड के बाद स्कूटर को कम से कम 20 से 30 मिनट तक किसी छायादार जगह पर खड़ा रहने दें. जब बैटरी का टेंपरेचर नॉर्मल कमरे के टेंपरेचर जितना ठंडा हो जाए तभी चार्जर कनेक्ट करें.


20 से 80 प्रतिशत वाला रूल फॉलो करें

Phone की तरह हम इलेक्ट्रिक स्कूटर को भी तब तक चलाते रहते हैं जब तक डिस्प्ले पर 2-3% बैटरी न दिखने लगे, और फिर रातभर उसे 100% तक चार्ज होने के लिए छोड़ देते हैं. यह तरीका बैटरी की सेहत के लिए खतकनाक साबित होता है. लिथियम-आयन बैटरी को 0% तक ले जाना या लगातार 100% पर फुल चार्ज रखना दोनों ही सिचुएशन्स में भारी इंटरनल रेजिस्टेंस पैदा करता है.

बैटरी को सही रखने के लिए हमेशा 20-80 रूल फाॅलो करें. यानी जैसे ही बैटरी का लेवल 20% के आसपास पहुंचे उसे तुरंत चार्ज पर लगा दें और 80 से 85% चार्ज होते ही प्लग निकाल लें. हफ्ते या महीने में सिर्फ एक या दो बार ही बैटरी को पूरा 100% तक चार्ज करें जिससे उसके सभी सेल्स ठीक से कैलिब्रेट हो सकें. इस ट्रिक से आपकी बैटरी की लाइफ सालों-साल नई जैसी बनी रहेगी.


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लोकल चार्जर से चार्ज न करें

जल्दबाजी के चक्कर में कई लोग किसी भी अनब्रांडेड या लोकल फास्ट चार्जर से स्कूटर चार्ज करने की गलती कर बैठते हैं. हमेशा याद रखें कि स्कूटर के साथ मिले ओरिजिनल चार्जर या फिर कंपनी द्वारा ऑथराइज्ड चार्जर का ही इस्तेमाल करें. लोकल चार्जर का वोल्टेज फ्लक्चुएशन बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह बिगाड़ सकता है. जिससे आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अलावा बहुत से लोगों की आदत होती है कि रात को सोते समय चार्जर ऑन कर दिया और सुबह आंख खुलने पर बंद किया.

भले ही मॉडर्न स्कूटर्स में ऑटो-कट की सुविधा मिलती है लेकिन पूरी रात चार्जर प्लग-इन रहने से बैकग्राउंड में ट्रिकल चार्जिंग चलती रहती हैजो बैटरी सेल्स को लगातार गर्म रखती है. इसलिए टाइमर का इस्तेमाल करें और जरूरत पूरी होते ही पावर स्विच बंद कर दें जिससे आपकी बैटरी हमेशा लंबी रेंज देती रहे.

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